एक अनजाना सा दर्द दिया
बेवजह ही इतना गम दिया
क्या खता हुई हमसे
जो मुझे मुझसे ही दूर कर दिया
सिर्फ मुहब्बत ही तो की थी दिल से
एक पल में ही तन्हा साथ छोड़ दिया
अब तुम ही बताओ क्या करे ये दिल
जिसे
एक अनजाना सा दर्द दिया
बेवजह ही इतना गम दिया.








